खान सर विवाद में नया मोड़: FIR की मांग को लेकर थाने पर धरने पर बैठे रौशन आनंद, भाई प्रिंस यादव की मौत से बढ़ा सियासी और कानूनी दबाव

New twist in the Khan Sir controversy Roshan Anand stages a sit-in at the police station demanding an FIR; political and legal pressure mounts following the death of his brother, Prince Yadav.

पटना: पटना में खान सर और ज्ञान बिंदु संस्थान के निदेशक रौशन आनंद के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब इस मामले ने नया मोड़ तब ले लिया जब रौशन आनंद खुद कदमकुआं थाने पहुंचकर खान सर उर्फ फैजल खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। उनका आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

रौशन आनंद ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि कई घंटे तक थाने में इंतजार करने के बावजूद उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। नाराज रौशन आनंद ने कहा कि या तो उनके आरोपों की जांच कर कार्रवाई की जाए या फिर उन्हें ही मार दिया जाए। उनके इस बयान के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।

धरने के दौरान बड़ी संख्या में छात्र भी थाने के बाहर पहुंचे और रौशन आनंद के समर्थन में नारेबाजी की। छात्रों ने पुलिस से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

इस पूरे विवाद के बीच रौशन आनंद ने खान सर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मामले में प्रभावशाली लोगों का संरक्षण मिलने के कारण पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने से बच रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पहले हुई कार्रवाई की तुलना में उनकी शिकायत पर समान गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।

विवाद को और संवेदनशील बना रही है रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की रहस्यमयी मौत। प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। परिवार का आरोप है कि मौत के पीछे गहरी साजिश हो सकती है और पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए।

प्रिंस यादव की मौत के बाद परिवार ने रौशन आनंद की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। परिजनों का कहना है कि अब उन्हें रौशन आनंद की जान को खतरा महसूस हो रहा है और सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। परिवार ने सुरक्षा के साथ-साथ प्रिंस यादव की मौत की सीबीआई जांच की मांग भी दोहराई है।

गौरतलब है कि खान सर और ज्ञान बिंदु संस्थान के बीच विवाद की शुरुआत जून की शुरुआत में हुई थी, जब दोनों पक्षों से जुड़े लोगों के बीच टकराव और हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। इसके बाद कई कानूनी कार्रवाई हुईं और मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।

फिलहाल रौशन आनंद का धरना, एफआईआर की मांग, प्रिंस यादव की मौत और सुरक्षा संबंधी चिंताओं ने इस पूरे विवाद को और जटिल बना दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है, क्योंकि यह मामला शिक्षा जगत से निकलकर बिहार की राजनीति और कानून व्यवस्था की बहस का हिस्सा बन चुका है।

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